भारत सरकार ने देश की समुद्री सुरक्षा को नई दिशा देने के लिए वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन (Vice Admiral Krishna Swaminathan) को अगला नौसेना प्रमुख (Chief of the Naval Staff) नियुक्त किया है। वे 31 मई 2026 से अपना कार्यभार संभालेंगे और वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लेंगे।
✦ कौन हैं वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन?
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भारतीय नौसेना के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं। उन्हें 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था और तब से वे लगातार देश की सेवा में योगदान दे रहे हैं। लगभग 39 वर्षों के अपने लंबे करियर में उन्होंने समुद्री सुरक्षा और युद्ध रणनीति के क्षेत्र में खास पहचान बनाई है। वर्तमान में वे पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत हैं। यह भारतीय नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण कमानों में से एक मानी जाती है, जो भारत की पश्चिमी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है।
भारतीय नौसेना के लिए यह बदलाव काफी अहम है, क्योंकि वाइस एडमिरल स्वामीनाथन तकनीकी विशेषज्ञता, रणनीतिक सोच और आधुनिक युद्ध प्रणाली की गहरी समझ रखने वाले अधिकारी हैं।
वे कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के विशेषज्ञ हैं। आज के समय में युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि तकनीक, संचार प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क से लड़ा जाता है। ऐसे में उनकी विशेषज्ञता भारतीय नौसेना को भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी।
✦ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इन बड़े युद्धपोतों की कमान संभाली:-
अपने करियर के दौरान वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने भारतीय नौसेना के कई बड़े युद्धपोतों का नेतृत्व किया है।
➦ INS विक्रमादित्य
- भारत का प्रमुख विमान वाहक पोत
- इसकी कमान संभालना किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है
➦ INS मैसूर
- शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर
- नौसेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने वाला युद्धपोत
➦ INS कुलिश
- आधुनिक हथियारों से लैस मिसाइल कार्वेट
- तेज गति और उच्च सुरक्षा क्षमता वाला पोत
इन युद्धपोतों की कमान संभालने से उन्हें समुद्री युद्ध संचालन का व्यापक अनुभव मिला।
✦ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को मिले कई बड़े सैन्य सम्मान
देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा को देखते हुए वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को कई प्रतिष्ठित सैन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें PVSM (परम विशिष्ट सेवा पदक), AVSM (अति विशिष्ट सेवा पदक) और VSM (विशिष्ट सेवा पदक) जैसे बड़े सम्मानों से सम्मानित किया गया है। ये पुरस्कार भारतीय सशस्त्र बलों में उत्कृष्ट नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा के लिए दिए जाते हैं।

