Neeraj Wins Silver: भाला फेंक में भारत के गौरव नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने एक बार फिर 89.45 मीटर की शानदार थ्रो के साथ नीरज ने रजत पदक (Silver Medal) जीतकर भारत को गर्व से भर दिया।
इससे पहले 2020 के टोक्यो ओलंपिक में नीरज ने 87.58 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर भारत को ट्रैक एंड फील्ड में पहला ओलंपिक गोल्ड दिलाया था।
अब 2024 में रजत जीतकर वे ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में लगातार दो ओलंपिक मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं — यह किसी भी भारतीय एथलीट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
जीत के बाद भी नीरज थोड़े असंतुष्ट नज़र आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:
“मुझे लगता है कि कुछ और बेहतर किया जा सकता था, लेकिन पिछले कुछ समय से चोटें और ट्रेनिंग में रुकावटें आईं, जिसने तैयारी को थोड़ा प्रभावित किया।”
इस साल स्वर्ण पदक पाकिस्तान के अरशद नदीम के नाम रहा, जिन्होंने 92.97 मीटर की दूरी पर भाला फेंक कर न केवल नीरज को पछाड़ा, बल्कि ओलंपिक इतिहास में पाकिस्तान का पहला गोल्ड मेडल भी जीत लिया। यह पाकिस्तान के लिए 32 वर्षों बाद पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक है।
नीरज ने बेहद खेल भावना दिखाते हुए अरशद को बधाई दी और कहा:
“खेल में हार-जीत चलती रहती है। अरशद बहुत ही अच्छे एथलीट हैं और इस जीत के वे पूरी तरह हकदार हैं।”
नीरज की माँ ने दिया भावुक बयान:
“गोल्ड और सिल्वर तो किस्मत की बात है। अरशद ने गोल्ड जीता है तो वह भी हमारा ही बच्चा है।”
नीरज चोपड़ा: प्रेरणादायक यात्रा
नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को पानीपत, हरियाणा के खांद्रा गाँव में एक किसान परिवार में हुआ। कठिन परिश्रम और जुनून के बल पर उन्होंने भाला फेंक में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। 2020 टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर की थ्रो से भारत को पहला ट्रैक एंड फील्ड गोल्ड मेडल दिलाया। 2024 में 89.45 मीटर की थ्रो के साथ उन्होंने रजत पदक जीता और लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। उनकी उपलब्धियों के लिए 2022 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।


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