World Wushu Championship 2025: BSF कांस्टेबल शिवानी प्रजापति ने ब्राजील में आयोजित 17वीं वर्ल्ड वुशू चैम्पियनशिप 2025 में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उनको सिर्फ 5 महीने की सेवा में शिवानी को उनके शानदार प्रदर्शन के चलते आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर हेड कांस्टेबल बना दिया गया है।
✦ छावला BSF कैंप में DG-BSF ने खुद लगाया शिवानी को बैज
नई दिल्ली के छावला BSF कैंप में आयोजित प्रमोशन समारोह में BSF महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने शिवानी को नई रैंक प्रदान की। इस मौके पर BSF के वरिष्ठ अधिकारी, स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के मेंबर्स और बड़ी संख्या में जवान मौजूद थे।
DG चौधरी ने कहा –
“हेड कांस्टेबल शिवानी की यह उपलब्धि BSF और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित किया है कि अनुशासन, मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”
✦ कांस्टेबल शिवानी को मिला 5 महीने में एतिहासिक प्रमोशन
उत्तर प्रदेश के दादरी शहर की रहने वाली शिवानी प्रजापति जून 2025 में खेल कोटे से BSF में भरती हुई। महज़ 5 महीनों में उन्होंने ब्राजील में रजत पदक जीतकर न सिर्फ बल बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। वे BSF के इतिहास में इतनी कम अवधि में पदोन्नति पाने वाली पहली महिला कांस्टेबल बन गई हैं।
✦ कठिन ट्रेनिंग और मेहनत से मिली सफलता
शिवानी रोजाना सुबह 2 घंटे और शाम 2 घंटे अभ्यास करती हैं। उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतना है।
“मैं अब अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक लाने के लिए मेहनत करूंगी। मेहनत करने वालों को जरूर अवसर मिलता है।” — शिवानी प्रजापति
✦ क्या है “आउट ऑफ टर्न प्रमोशन”?
“आउट ऑफ टर्न प्रमोशन” एक विशेष प्रकार की पदोन्नति होती है, जो किसी असाधारण उपलब्धि या शौर्यपूर्ण कार्य के लिए दी जाती है। यह दुर्लभ सम्मान बल में दूसरों के लिए प्रेरणा और मोटिवेशन का प्रतीक माना जाता है।
पहले कांस्टेबल अनुज को मिला था यह सम्मान
शिवानी से पहले, जुलाई 2025 में BSF सेंट्रल वुशू टीम के कांस्टेबल अनुज को चीन में आयोजित 10वीं सांडा वर्ल्ड वुशू चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था।
✦ BSF में महिला सशक्तिकरण की मिसाल
DG दलजीत सिंह चौधरी ने कहा —
“शिवानी की सफलता ने BSF में महिला सशक्तिकरण और खेल भावना के नए आयाम खोले हैं। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा है।”
कांस्टेबल शिवानी प्रजापति की यह उपलब्धि केवल एक पदोन्नति नहीं, बल्कि उन महिलाओं के सपनों की उड़ान है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानतीं। BSF और देश दोनों के लिए यह क्षण गौरवशाली है।

