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By: Army Study

On: January 12, 2026

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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 2026: हरियाणा से Green Transport की ऐतिहासिक शुरुआत

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: Green Transport की ओर बड़ा कदम

भारत की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन हरियाणा में शुरू होने जा रही है। यह परियोजना प्रदूषण कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना का परिचय और महत्व

यह हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना भारतीय रेलवे के ग्रीन विज़न का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला रेल परिवहन विकसित करना है। यह ट्रेन पारंपरिक ईंधन के बजाय ग्रीन हाइड्रोजन से चलेगी और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित होगी।

हरियाणा के जींद–सोनीपत मार्ग से होगी शुरुआत

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89–90 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर चलाई जाएगी। वर्तमान में यह परियोजना अपने अंतिम परीक्षण चरण में है और इसका ट्रायल 26 जनवरी 2026 से शुरू होने की प्रबल संभावना है।

हाइड्रोजन ट्रेन के निर्माण और स्वदेशी तकनीक की भूमिका

यह ट्रेन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनी है। इस अत्याधुनिक ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा किया गया है। आराम और सुरक्षा दोनों का ध्यान रखते हुए ट्रेन आधुनिक मेट्रोस्टाइल में डिज़ाइन किया गया है।

हाइड्रोजन ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं

इस ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे, जिनमें 8 यात्री कोच और 2 ड्राइविंग पावर कार शामिल हैं। इसकी इंजन क्षमता 1200 से 1600 हॉर्सपावर के बीच होगी। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 150 किमी/घंटा तक हो सकती है और यह एक बार में लगभग 2,500 से 2,638 यात्रियों को ले जाने में सक्षम रहेगी। एक बार हाइड्रोजन भरने पर यह ट्रेन करीब 1,000 किलोमीटर तक की यात्रा कर सकती है।

हाइड्रोजन ट्रेन की ईंधन दक्षता और पर्यावरणीय लाभ

हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी ईंधन दक्षता है। इसमें 9 किलो पानी से लगभग 900 ग्राम हाइड्रोजन उत्पन्न की जा सकती है जो ट्रेन को 1 किलोमीटर तक चलाने के लिए पर्याप्त होती है। इसमें कोई धुआं नहीं निकलता और उत्सर्जन के रूप में केवल भाप और पानी निकलता है।

जींद का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट

इस परियोजना के लिए जींद रेलवे जंक्शन पर देश का सबसे बड़ा समर्पित ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट (Green Hydrogen Plant) स्थापित किया गया है। इस प्लांट की हाइड्रोजन भंडारण क्षमता 3,000 किलोग्राम है। ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए यहां समर्पित 11 kV बिजली लाइन की व्यवस्था की गई है।

✦ हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज (Hydrogen for Heritage) मिशन क्या है?

भारत की यह पहली हाइड्रोजन ट्रेन Hydrogen for Heritage मिशन का हिस्सा है। इस मिशन के तहत भारतीय रेलवे का लक्ष्य देशभर में 35 हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें चलाने का है। इसका मुख्य उद्देश्य डीज़ल ट्रेनों पर निर्भरता कम करना है।

परियोजना की लागत और वैश्विक महत्व

हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना की अनुमानित लागत ₹80 करोड़ से ₹136 करोड़ के बीच है। इस परियोजना से भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जहां हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक का सफल उपयोग हो रहा है। यह भारत को वैश्विक स्तर पर Green Railway Technology में अग्रणी बनाएगा।

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